Fri. Apr 4th, 2025

पूर्णिया की जनता चाहती है कि पप्पू यादव चुनाव जीतें , लेकिन सामंतवादी और महीन जातिवादी लोग नहीं चाहते हैं कि पप्पू यादव लोकसभा का चुनाव जीत जाए। ये वे लोग हैं जो साल भर मोदी ,आरएसएस , भाजपा के खिलाफ लिखते हैं लेकिन चुनाव आने पर कुछ गिने चुने राजनेता के खिलाफ लिखने लगते हैं, क्योंकि इन जातिवादी लोगों को डर विरासत से आए हुए संघर्षविहीन लोगों से नहीं है, इनको डर हैं संघर्षशील कद्दावर नेताओं से जो पिछड़े और दलित समुदायों से आते हैं।

दूसरी ओर ऐसे लोग भी हैं जो पप्पू यादव को हराना चाहते हैं जिनकी राजनीति विरासत के दम पर शुरू हुई है और संघर्षशील , कद्दावर नेताओं से वे इसलिए डरते हैं क्योंकि उनको सत्ता की कुर्सी चाहिए बगैर किसी संघर्ष के। चांदी का चम्मच लेकर पैदा होने वाले लोग समय समय पर अपनी जेल यात्रा से बचने के लिए भाजपा और आरएसएस से अंदरूनी समझौता भी कर लेते हैं। ये लोग जानते हैं कि हार भी जाएं तो क्या होगा, जेल जाने से तो बच जायेंगे, टिकट बेचकर तो माल आ ही जायेगा।

2-4 दिनों से महीन जातिवादियों, संघियो, भाजपाइयों तथा विरासत की राजनीति करने वाले लोग और उनकी टीम, खास कर राजद के चाटुकारों नेताओं, चाटुकार युवाओं ने मुहिम छेड़ रखी है पप्पू यादव को हराने के लिए।

याद रखिए, पूर्णिया में आरएसएस,भाजपा, जदयू, राजद, कोंग्रेस, वामपंथी सभी पप्पू यादव को हराने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए उनके खिलाफ लिख रहे हैं कि कैसे पप्पू यादव के पुराने समय में हत्या ,लूट, फिरौती आम बात थी, अजीत सरकार प्रकरण को याद दिला रहे हैं। कुछ लोग पप्पू यादव के पुराने बयानों के आधार पर उनको गिराने का प्रयास कर रहे हैं। पुराने बयानों के आधार पर यादवों और खासकर मुसलमानों को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

लेकिन आपको बता दें कि मेरी पूर्णिया की यात्रा के दौरान मुझे कोई भी ऐसा युवा, महिला, बुजुर्ग नहीं मिले जो पप्पू से नफ़रत व्यक्त किया हो,किसी ने पप्पू यादव के पुराने दिनों की बात नहीं की, मुंह खोला तो यही बताया कि पप्पू यादव आयेंगे तो गरीबों का भला होगा। भ्रष्ट पदाधिकारी सुधर जाएंगे, डॉक्टर की लूट बंद हो जाएगी, लोगों को अभिव्यक्ति की आजादी मिलेगी।

https://youtu.be/tBUUEebWcP4?si=0FzUbJbEK_ZfwBwT

100% मुस्लिम बिरादरी, 90% यादव बिरादरी, शहर से गांव तक टोटो चलाने वाले लोग, कितने ऐसे बनिया बिरादरी के लोग मिले जिन्होंने कहा कि वे भाजपाई हैं लेकिन पप्पू को ही वोट करेंगे, कई ऐसे लोग मिले जिन्होंने कहा कि वे लोग मोदी और बीजेपी के हैं पर वोट पप्पू यादव को देंगे। इसलिए मैंने अपने यूट्यूब चैनल पर भी फलका प्रखंड का एक वीडियो शेयर किया था जिसका टाइटल था कि “पूर्णिया में जाति, पार्टी और धर्म की दीवार हुई ध्वस्त”

पप्पू यादव सिर्फ पटना के बाढ़ में मददगार के रुप में नहीं आए, वे और उनकी टीम कोसी नदी के रौद्र रुप में आने पर भी नाव पर सवार होकर लोगों को रेस्क्यू करते रहे हैं, उनको खाना मुहैया कराते रहें हैं।

पप्पू यादव कभी जाति देखकर लोगों को मदद नहीं किया, सभी के लिए न्याय की लड़ाई लड़ते रहे हैं, गरीबों की बेटियों की लड़ाई अकेले लड़े, याद करिए “नारी बचाओ पदयात्रा” मधुबनी से पटना। सड़क से संसद तक ब्रजेश ठाकुर जैसे लोगों के खिलाफ़ लड़ाई। गरीबों के लिए डाक्टरों से दुश्मनी मोल लेना। याद करिए जब छपरा में कोरोना काल में 50 – 60 एंबुलेंस रुढ़ी जी के घर में पड़ा था जिसका खुलासा करने पर इनको 35 साल पुराने मुकदमे में फसाकर 6 महीने जेल में रखा गया। कोरोना काल में कोटा से बच्चो को लाने की बात हो या बिहार से बाहर रहने वाले मजदूरों को पैसा भेजने की बात हो, उनको लाने की बात हो, दिल्ली से लेकर पटना तक लोगों को राशन, पानी, पैसा देना याद करिए।
गुजरात के भुज में उनको राजनिति नही करनी थी, केदारनाथ में उनको राजनीति नहीं करनी थी , बिहार के औरंगाबाद से गया तक उत्तरी कोयल नहर में पानी लाने के पदयात्रा किया था, यहां भी उन्हें राजनिति नहीं करनी थी, लंबी फेहरिस्त है।

पूर्णिया के लोग समझ चुके हैं कि पप्पू ही उनके दुख सुख में बिना बुलाए पहुंचेगा। लोग कह रहे हैं कि पूर्णिया का बेटा पप्पू ही है। अभी अभी खबर मिली है कि पूर्णिया में ईवीएम का खेल हो रहा है।
अब पप्पू यादव को हराने के लिए प्रशासन और ईवीएम का खेल शुरू हो चुका है।

पूर्णिया का चुनाव जनता लड़ रही है, जो कि सभी जाति, पार्टी और धर्म के हैं, उनको सिर्फ और सिर्फ पप्पू ही चाहिए, अब देखना है कि पूर्णिया से शेर जीतकर आता है या ईवीएम से चूहिया निकलकर आती है। धन्यवाद।
मानवेंद्र प्रियदर्शी (MahaBodhi Times)

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *