संजना जाटव भारत की सबसे कम्र उम्र की महिला सांसद बन गई हैं। वह राहुल गांधी के भारत जोड़ो यात्रा से जुड़ी हुई थी। वह राजस्थान के भरतपुर लोकसभा सीट से जीतकर आई हैं।
सुनहरे बॉर्डर की साड़ी पहने हुए सिर पर पल्लू, कलाई में घड़ी और चप्पल पहने संजना कितनी सुंदर लगती है। इस नकारात्मक दुनिया में कुछ कहानियां सुंदर ही होती हैं।
संजना जाटव की कहानी भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी और कांग्रेस पार्टी की महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता की एक जीती जागती कहानी है,
2 बच्चो की माँ 26 वर्षीय संजना जाटव भरतपुर से सांसद बनकर देश की सबसे बड़ी पंचायत में पहुंची है।
संजना के पिता गांव में किसान थे। संजना की शादी 12 वीं के बाद ही कर दी गई थी। लेकिन पति ने संजना को सपोर्ट किया। उन्होंने ग्रेजुएशन और एलएलबी किया फिर वह राजनीति में आई।
संजना के पति कहते हैं, “महिलाओं को लेकर हमारे परिवार में सकारात्मक सोच रखते हैं. राजनीति में संजना समय नहीं देना चाहती थी, लेकिन हम चाहते थे कि संजना के राजनीति में आने से परिवार, गांव का नाम रौशन हो.”
संजना के दो बच्चे हैं, सास भी संजना पर प्रसन्न हैं। वह कहती हैं कि, संजना बहुत अच्छी है, जब से आई है घर परिवार का बहुत ख्याल रखती है. सबके लिए अच्छा करेगी.”